मिलेगा सस्ता घर…! श्रम कानूनों का रियल एस्टेट सेक्टर पर असर, जानें एक्सपर्ट की राय

मिलेगा सस्ता घर…! श्रम कानूनों का रियल एस्टेट सेक्टर पर असर, जानें एक्सपर्ट की राय

केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 से चार नए श्रम संहिताओं को पूरे देश में लागू कर दिया है। 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा तथा व्यावसायिक सुरक्षा-स्वास्थ्य पर केंद्रित इन संहिताओं से व्यापार करने की प्रक्रिया सरल होगी और पहली बार गिग-प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिलेगा।

नए नियमों में देशभर में एक समान न्यूनतम मजदूरी, बेहतर कार्य परिस्थितियां और कर्मचारी कल्याण पर जोर दिया गया है। रियल एस्टेट सेक्टर में विशेष प्रभाव की उम्मीद है, जहां अब ठेकेदारों से लेकर डेवलपर तक पूरी सप्लाई चेन में श्रमिकों का औपचारिक पंजीकरण, वेतन और सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

सीआईआई रियल एस्टेट कमेटी चेयरमैन अश्विंदर आर सिंह ने कहा कि सेक्टर अनौपचारिक व्यवस्था से स्थायी कार्यबल की ओर बढ़ेगा, जिससे लंबे समय में उत्पादकता बढ़ेगी और भारत वैश्विक रियल एस्टेट बाजार के रूप में विश्वसनीयता हासिल करेगा।

एलांटे ग्रुप सीईओ आकाश कोहली ने बताया कि ग्रेच्युटी और ओवरटाइम मुआवजे जैसे लाभ कर्मचारी मनोबल बढ़ाएंगे, हालांकि एमएसएमई उप-ठेकेदारों को लागत समायोजन में चुनौती आएगी।

बूट्स के एमडी दीपक राय के अनुसार नए कानून किफायती आवास बाजार को बढ़ावा देंगे क्योंकि मजदूरों की आय स्थिरता से उनकी घर खरीदने की क्षमता बढ़ेगी।

सीआरसी ग्रुप निदेशक सलिल कुमार ने कहा कि निर्माण कार्यबल प्रबंधन में संरचनात्मक सुधार आएगा और श्रमिक कल्याण में निवेश बढ़ेगा।

उद्योग का मानना है कि शुरुआती 6-18 महीने में लागत बढ़ सकती है, लेकिन नियमों का पालन न करने की कीमत उससे कहीं अधिक होगी। लंबी अवधि में औपचारिक और सुरक्षित कार्यबल सेक्टर की गुणवत्ता और गति दोनों