महाकुंभ के बाद अब प्रयागराज माघ मेला में विशेष व्यवस्था, श्रद्धालुओं को मिलेगी शटल बस सुविधा
इसी वर्ष 2025 में फरवरी माह में प्रयागराज में हुए महाकुंभ में देश विदेश से लाखों श्रद्धालुओं पवित्र स्नान करने पहुंचे थे। महाकुंभ में अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी। अब, पुनः अगले साल 2026 में माघ मेला की तैयारी जोरशोर से की जा रही है। महाकुंभ की तर्ज पर विशेष व्यवस्था की जाएगी। माघ मेला में श्रद्धालुओं को आने जाने के लिए शटल बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
3 जनवरी से 15 फरवरी तक माघ मेला
आगामी माघ मेला 2026 को लेकर तैयारियों ने तेज़ी पकड़ ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार मेला क्षेत्र में चल रहे सभी महत्वपूर्ण कार्य अगले 15 दिनों में पूरे करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस बार माघ मेला 3 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होगा, जिसकी कुल अवधि 44 दिनों की होगी
4900 संस्थाओं के आगमन का अनुमान
इस बार लगभग 4900 संस्थाओं के माघ मेले में शामिल होने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर भीड़ प्रबंधन के लिए 2.8 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण किया जा रहा है। समतलीकरण का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य मार्गों का चिह्नांकन भी कर दिया गया है, जबकि शौचालयों और टेंटों की स्थापना का काम तेजी से जारी है। भूमि आवंटन और बसावट की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। 4900 संस्थाओं के आगमन का अनुमान है।
श्रद्धालुओं के लिए चारों दिशाओं से शटल बस सेवा
महाकुंभ की तर्ज पर माघ मेला 2026 में भी आने वाले श्रद्धालुओं को रोडवेज शटल बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालु धूमनगंज, नैनी, झूंसी और फाफामऊ इन चारों प्रमुख दिशाओं से सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए अस्थायी बस अड्डों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से भी शटल बसें संचालित की जाएंगी। मेला क्षेत्र में इस बार 75 इलेक्ट्रिक बसें शटल सेवा में लगाई जाएंगी, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होगा।
नई बस रूट की तैयारी
सिविल लाइंस बस स्टेशन के निर्माण कार्य के कारण वहां से नियमित रोडवेज बसों के संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने की तैयारी है। ऐसे में शहर और मेला क्षेत्र के बीच आवागमन को सुचारु रखने के लिए नए रूट निर्धारित किए जा रहे हैं। उधर, रेलवे भी मेला अवधि को ध्यान में रखते हुए तैयारियों में जुट गया है। कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन प्रयागराज जंक्शन के बजाय सूबेदारगंज, फाफामऊ और छिवकी स्टेशनों से शुरू कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को मेला क्षेत्र तक पहुंचने में

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