यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे आश्रम के बच्चे, अनाथों की तरह बीता रहे जिंदगी

यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे आश्रम के बच्चे, अनाथों की तरह बीता रहे जिंदगी

नारायणपुर।  नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित बालक आश्रम जुवाड़ा में बच्चों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और लापरवाही का मामला सामने आया है। आश्रम में हर बुधवार को बंद रहता है, जहां ना तो कोई शिक्षक, ना चपरासी और ना ही अधीक्षक मौजूद रहते हैं।

नन्हे बच्चों ने बताया कि, रात्रि कालीन बिना अधीक्षक के रात बिताते हैं। तबीयत खराब होने पर बच्चे पूरी रात तड़पते रहते हैं, रात के समय पर ना तो कोई चपरासी और ना ही कोई अधीक्षक रहता है। बच्चों ने आगे बताया कि, कोल्हू के बैल की तरह उन्हें काम कराया जाता है। आश्रम और स्कूल की झाड़ू से लेकर बाथरूम की साफ सफाई तक करवाते हैं।

 बताया गया कि, खाने के टाइम पर चावल दाल भी साफ करते हैं। विभागीय अधिकारी ना तो ऐसी जगह की निरीक्षण करते हैं और ना ही ऐसे लापरवाह अधीक्षक पर कार्रवाई करते हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि सभी उच्च कर्मचारी व आलाधिकारी की मिली भगत से ही लापरवाह अधीक्षक अपनी मनमर्जी कारनामे को अंजाम देते हैं।