हो जाएं सावधान ! इन राज्यों पर दोहरे चक्रवात का खतरा, दित्वा और सेन्यार से भारी बारिश का अलर्ट
हाल ही में चर्चा में आए दो चक्रवातों दित्वा और कमजोर पड़ चुके सेन्यार ने दक्षिण भारत के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों सिस्टमों का संयुक्त प्रभाव तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में व्यापक तथा भारी वर्षा की स्थिति पैदा कर सकता है। गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव संगठित होकर चक्रवात दित्वा में बदल गया, जिससे क्षेत्र में मौसम खराब होने के संकेत तेज हो गए हैं।
मौसम विभाग ने प्री-साइक्लोन अलर्ट किया जारी
दित्वा के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने प्री-साइक्लोन अलर्ट जारी कर दिया है। यह चक्रवात उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जहां 30 नवंबर तक मौसम अत्यंत खराब रहने की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार 27 से 30 नवंबर तक तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी वर्षा के आसार हैं, जबकि 28 और 29 नवंबर को कुछ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
28 नवंबर से 1 दिसंबर तक तेज बारिश की संभावना
दक्षिण आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 28 नवंबर से 1 दिसंबर तक तेज वर्षा की संभावना है। 30 नवंबर को इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। इसी तरह, केरल में 27 से 29 नवंबर के बीच भारी बारिश के संकेत मिले हैं, जबकि तेलंगाना में 30 नवंबर और 1 दिसंबर को वर्षा की संभावना है। दक्षिण कर्नाटक में 29 नवंबर को तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में गर्जना, चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। अंडमान क्षेत्र में 27 से 29 नवंबर तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
चक्रवात सेन्यार का असर हुआ कम, फिर भी खतरा बरकरार
दूसरी ओर, चक्रवात सेन्यार का प्रभाव काफी कम हो चुका है। मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर बना इसका अवशेष अब गहरे दबाव से कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है, जो लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार दित्वा और कमजोर होते सेन्यार के संयुक्त असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक वर्षा की स्थिति विकसित होगी।

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