साइबर जागरूकता से साइबर रक्षा तक, कैडेटों के लिए दो-स्तरीय प्रशिक्षण
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने कैडेटों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के लिए राष्ट्रव्यापी क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) के सहयोग से लागू की जा रही है।
एमओयू के साथ शुरू हुई पहल
इस कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी और एनआईईएलआईटी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साथ हुई। इस मौके पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी मौजूद रहे।
पहले चरण में साइबर जागरूकता पर फोकस
कार्यक्रम के पहले चरण में 15 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल है। इसमें डिजिटल साक्षरता, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर स्वच्छता और साइबर खतरों की बुनियादी जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण देशभर के सभी पंजीकृत एनसीसी कैडेटों के लिए खुला रहेगा और एनआईईएलआईटी के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगा।
दूसरे चरण में मिलेगा उन्नत प्रशिक्षण
दूसरे चरण में 60 घंटे का गहन ऑफलाइन साइबर रक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कैडेटों का चयन योग्यता आधारित प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। इस चरण में व्यावहारिक प्रशिक्षण, रियल-लाइफ सिमुलेशन और आधुनिक साइबर सुरक्षा उपकरणों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जमीनी स्तर पर साइबर जागरूकता का लक्ष्य
इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षित “एनसीसी साइबर कैडेट” तैयार करना है, जो समाज में साइबर जागरूकता फैलाने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने में योगदान देंगे।
डिजिटल इंडिया मिशन से जुड़ी पहल
यह कार्यक्रम डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप है। इससे देश में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ने और डिजिटल सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है।

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