शिक्षा जीवन को आलोकित करने वाला दीप : सालिक साय, स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चों में जिला पंचायत अध्यक्ष ने जगाई शिक्षा की अलख, कार्यक्रम में बच्चों को किया प्रोत्साहित
जशपुर। शिक्षा वह दीप है जिसका प्रकाश जीवन को आलोकित करता है। इसके बिना व्यक्ति का जीवन अंधकारमय रह जाता है। यह बातें जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय नारायणपुर में एक कार्यक्रम में कहीं।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय नारायणपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय इसके मुख्य अतिथि थे वहीं इस अवसर पर उनके साथ जनपद पंचायत कुनकुरी की अध्यक्ष श्रीमति सुशीला साय, जनपद सदस्य शोभा बंग, पूर्व मंडल अध्यक्ष संतोष सहाय, शाला समिति के अध्यक्ष संतन राम, अरुण मोहंती, रामकृत नायक, राहुल बंग, छक्कन राम, गोपाल यादव, भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष भूषण वैष्णव, बालेश्वर चक्रेश, आलोक गर्ग तथा रामविलास राम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गणमान्य नागरिकों, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। यहां स्कूली विद्यार्थियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष का आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। यहां लोगों को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने के साथ ही उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना व्यक्ति का जीवन अंधकारमय रहता है और इसे शिक्षा के दीप की रोशनी से ही प्रकाशित किया जा सकता है। श्री साय ने कहा कि शिक्षा से मनुष्य के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। यह वह सोपान है जिस पर चढ़कर किसी भी उपलब्धि को हासिल किया जा सकता है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है परंतु पहले समुचित शिक्षा के अभाव में लोग पिछड़ जाया करते थे।

इसे देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सरकार द्वारा प्रदेश के कोने-कोने में न सिर्फ स्कूल खोले गए हैं अपितु गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और योग्य शिक्षकों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि बच्चों को पर्याप्त अवसर आगे बढ़ने के लिए मिल सकें। इसके परिणामस्वरूप सभी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार देखने को मिल रहा है और नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने नारायणपुर स्कूल के बच्चों को भी शिक्षा के क्षेत्र में संस्था और प्रदेश का परचम लहराने के लिए प्रेरित किया।






