गुणवत्ताहीन मरम्मत पर भड़के भाजपाई, अधिकारियों को तलब कर मांगी जवाबदेही, शासन की छवि खराब करने का लगाया आरोप, उप अभियंता अशोक शेषर को हटाने की मांग , इंजीनियर ने कहा उखाड़़कर दुबारा बनवा देंगे
पत्थलगांव। अर्से से राष्ट्रीय राजमार्ग 43 की दुर्दशा का दंश झेलने के बाद मरम्मत में गुणवत्ताहीन सामग्री के इस्तेमाल से भाजपाइयों का गुस्सा रविवार को विभाग के उप अभियंता पर फूट पड़ा। जर्जर सड़क की मरम्मत में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उन्होंने उपअभियंता को जमकर खरी खोटी सुनाई। उप अभियंता ने गुणवत्ताहीन निर्माण को उखाड़कर दुबारा से सड़क की मरम्मत कराने का भरोसा दिलाने के बावजूद भाजपाई शांत नहीं हुए और उन्होंने उप अभियंता पर छग शासन की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
उल्लेखनीय है कि पत्थलगांव शहर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 43 एक दशक से भी अधिक समय से निर्माण कार्य पूरा होने की बाट जोह रहा है। शहर के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहंुच देने वाले यह इकलौता मार्ग पत्थलगांव से कुनकुरी तक आज भी अधूरा है। इससे लोगों को प्रतिदिन जशपुर पहुंचने के लिए परेशानियों से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं बाईपास का कार्य अभी शुरू भी नहीं हो सका है। ऐसे में पत्थलगांव के अंबिकापुर रोड और जशपुर रोड से होकर ही राजमार्ग 43 गुजरता है जिससे हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। वहीं इस सड़क की हालत भी एक वर्ष से भी अधिक समय से खराब है। गौरतलब है कि यही सड़क शहर के लेागों के लिए रोजमर्रा के उपयोग की भी एकमात्र सडक है। इसकी हालत जर्जर होने के कारण लोगों को दिन रात कीचड़ और अत्यधिक धूल का सामना करना पड़ता है। आलम यह है कि नहा कर घर से निकलने और इन सड़कों पर एक बार घूमकर वापस पहुंचते तक व्यक्ति धूल से नहाया हुआ दिखाई देता है। बारिश के बाद मरम्मत शुरू कराए जाने के भरोसे पर लोग एक एक दिन कर बारिश के खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। परंतु जब मरम्मत शुरू हुई तो इसमें गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल होने की बात सामने आई। जिससे सड़क 24 घंटे में ही उखड़ने लगी। वर्षों बाद हो रही मरम्मत की दुर्दशा से लोगों में आक्रोश दिखाई देने लगा वहीं भाजपाई भी इससे नाराज दिखे। रविवार को शाम करीब 5 बजे भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय लोहिया, मंडल अध्यक्ष अंकित बंसल, सुनील गर्ग, मुकेश सिन्हा समेत अन्य कार्यकर्तागण इंदिरा चैक पहुंचे और उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाया। उप अभियंता अशोक शेषर के यहां पहुंचने पर लेागों का गुस्सा फूट पड़ा। संजय लोहिया और अंकित बंसल ने सड़क की सामग्री की गुणवत्ता दिखाते हुए उप अभियंता से जवाबदेही तलब की। इस दौरान उप अभियंता ने अपने बचाव का प्रयास किया परंतु भाजपाइयांे पर उनकी बातों का जरा भी असर नहीं होता दिखाई दिया। उन्होंने उप अभियंता पर शासन की छवि खराब करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर ठेकेदारों की मनमानी से कार्य कराने और मौके पर उपस्थित नहीं रहने का आरोप लगाया। उन्होंने अशोक शेषर को हटाकर अन्य उप अभियंता की निगरानी में निर्माण कार्य कराए जाने की मांग उठाई है और इसे शासन के उच्चाधिकारियेां तक भी पहुंचाने की बात कही है। भाजपा कार्यकर्ताओं के गुस्से को देखते हुए उप अभियंता ने गुणवत्ताहीन सामग्री को उखाड़कर दुबारा से सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने का भरोसा दिलाया और दुबारा निर्माण नहीं होने तक निर्माण का बिल रोके जाने की बात कही है।
उपस्थित नहीं रहने का आरोप
उप अभियंता को मौके पर पहुंचे लोगों ने भी जमकर आड़े हाथ लिया। लोगों ने बताया कि राजमार्ग का निर्माण शुरू हुए करीब 1 दशक हो चुका है और एक दशक से अशोक शेषर ही उप अभियंता के रूप में यहां पदस्थ हैं। परंतु इस दौरान सड़क की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। लोगों का कहना है कि पूरन तालाब से लुड़ेग तक भी सड़क का जो आधा अधूरा निर्माण हुआ भी है वह भी गुणवत्ताहीन है और राष्ट्रीय राजमार्ग के मापदंडों को कतई पूरा नहीं करता है। लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान भी अशोक शेषर मौके पर अक्सर दिखाई नहीं दिए और वर्षों चले निर्माण में वे जितने बार मौके पर पहुंचे उन्हें उंगलियांे पर गिना जा सकता है। इसी का नतीजा है कि ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य करके अपनी रकम निकालकर चलते बने और हाल ही में बने होने के बाद भी सड़क पर मरम्मत की आवश्यकता पड़ने लगी है। लोगों ने भी वर्तमान उप अभियंता को हटाकर दूसरे उप अभियंता की देख रेख में मरम्मत का कार्य कराए जाने की मांग की है।





