नकटी गांव कार्रवाई पर सियासत तेज: भूपेश बोले- BJP नेताओं में अनबन, डिप्टी CM साव का पलटवार- अपनी पार्टी पर दें ध्यान

नकटी गांव कार्रवाई पर सियासत तेज: भूपेश बोले- BJP नेताओं में अनबन, डिप्टी CM साव का पलटवार- अपनी पार्टी पर दें ध्यान

रायपुर। राजधानी के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई अब राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद होने का दावा किया। वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस को अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देने की नसीहत दी।

मंगलवार को मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि लोगों को पहले भाजपा नेताओं के बीच कथित अनबन की जानकारी नहीं थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि ग्रामीण किसी दूसरे भाजपा नेता के पास गए होते तो शायद उनके मकान नहीं टूटते, लेकिन सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिलने के बाद अगले ही दिन बुलडोजर की कार्रवाई कर दी गई।

भूपेश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस भाजपा नेताओं को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें उसे सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा की चिंता छोड़कर अपनी पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

अरुण साव ने इस दौरान अन्य मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के अलंकरण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें खिलाड़ियों के सम्मान और खेलों के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

साहू समाज की बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ धर्मांतरण समेत विभिन्न सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में समाज को जागरूक और संगठित रखने पर जोर दिया गया।

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर तंज कसते हुए साव ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों से ज्यादा अपने नेताओं के बीच के विवादों में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने से पार्टी की स्थिति नहीं बदलेगी।

ग्रामीण विकास की नई व्यवस्था का समर्थन करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंचायतों को अधिक अधिकार मिलेंगे, श्रमिकों को ज्यादा रोजगार मिलेगा और विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।