राखी के ऐड पर बवाल! कृति सेनन के बोल्ड लुक और डॉग को राखी बांधने पर भड़के लोग, कंगना ने भी साधा निशाना
बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन इन दिनों एक ज्वेलरी ब्रांड GIVA के रक्षाबंधन कैंपेन को लेकर सोशल मीडिया के तूफान में फंसी हुई हैं। ऐड में कृति ऑफ-व्हाइट/आइवरी रंग का ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहने नजर आती हैं। वो अपने ऑन-स्क्रीन भाई को राखी बांधती हैं। और फिर एक पालतू कुत्ते को भी राखी बांध देती हैं, जब कुत्ता भौंकता है। ब्रांड का मकसद पालतू जानवर को परिवार का हिस्सा दिखाना था, लेकिन नतीजा उल्टा निकला।
सोशल मीडिया (खासकर X और Instagram) पर लोग फट पड़े। सबसे बड़ा गुस्सा दो बातों पर था:
1. आउटफिट: “भाई के सामने ब्रा जैसे कपड़े?”, “पूजा की थाली कहां है? तिलक कहां है?”, “ये रक्षाबंधन है या फैशन शो?”
2. कुत्ते को राखी: कुछ ने इसे त्योहार का मजाक बताया, तो कुछ ने कहा – “डॉग परिवार नहीं होते क्या?”
कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि हिंदू त्योहारों को ही बार-बार “मॉडर्न” और “वोक” अंदाज में पेश किया जाता है, जबकि ईद या क्रिसमस पर ऐसा कोई नहीं करता। कुछ ने FIR दर्ज करने की भी बात कही (BNS की धारा 299 के तहत धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप)। 
महिलाओं के लिए ये बेहतरीन समय है… कॉकटेल ड्रेस से लहंगा-चोली, जींस से साड़ी, बिकिनी से सलवार-कमीज तक सब ऑप्शन हैं। फिर भाई को राखी बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में क्यों बांधें? आपके सारे स्टाइलिंग ऑप्शन कहां गए? हा हा… ऐड जानबूझकर डरावना (creepy) बनाया गया लगता है।” जर्मन मूल की एक्ट्रेस सुजैन बर्नर्ट ने भी कहा कि उनकी “लिबरल” सोच से भी ये बहुत ज्यादा गलत है। ये गहरा मतलब रखने वाला खूबसूरत त्योहार है, इसे पार्टी जैसा नहीं बनाना चाहिए।
दूसरी तरफ समर्थन भी
कुछ यूजर्स और पेट लवर्स ने बचाव किया:
• “पालतू जानवर परिवार का हिस्सा होते हैं, राखी बांधने में क्या गलत?”
• “महिलाओं को उनके कपड़ों से जज मत करो।”
• “ये मॉडर्न टेक है, पारंपरिक रस्मों को नया अंदाज देने की कोशिश।”
कृति सेनन और GIVA ब्रांड की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। विवाद के बीच कृति ने इंस्टाग्राम पर अपना फोटो डंप शेयर किया, जिसमें सिस्टर नूपुर और अफवाह वाले बॉयफ्रेंड कबीर बहिया के साथ तस्वीरें भी शामिल थीं। ऐसा लग रहा था जैसे वो विवाद को अनदेखा करके आगे बढ़ रही हैं।
ये विवाद सिर्फ एक ऐड का नहीं है। ये भारतीय त्योहारों को “मॉडर्न” तरीके से पेश करने, महिलाओं के पहनावे, और परंपरा बनाम समकालीन सोच के बीच की पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर गया है। कुछ इसे “रैज-बेटिंग” (जानबूझकर विवाद पैदा करना) मान रहे हैं, तो कुछ इसे रचनात्मक आजादी। रक्षाबंधन का असली मकसद भाई-बहन का पवित्र रिश्ता और सुरक्षा का वादा है। सवाल ये है – क्या ब्रांड्स और सेलेब्स त्योहारों को सिर्फ प्रोडक्ट बेचने का जरिया बना रहे हैं, या सच में नया नजरिया दे रहे हैं?
सेलेब्स भी कूदे
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर सीधा तंज कसा:

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