तूल पकड़ने लगा ग्राम पंचायत तमता में प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का मामला, ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर लगाया है अनियमितता और दुर्व्यवहार का आरोोप, ग्राम सभा की बैठक में पाारित हुआ रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं मेट को हटाने का प्रस्ताव
पत्थलगांव। ग्राम पंचायत तमता में प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई अनियमितता और रोजगार सहायक द्वारा ग्रामीणों के साथ दुव्र्यर्हार का मामला तूल पकड़ने लगा है। इसे लेकर बुलाई गई विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार करने के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत तमता की रोजगार सहायक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी और इस संबंध में जानकारी मांगने पर ग्रामीणों के साथ दुव्र्यवहार करने का गंभीर मामला हाल ही में सामने आया है। इसे लेकर ‘जशपुर क्राॅनिकल‘ ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद सरपंच सीता बाज ने रोजगार सहायक और प्रधानमंत्री आवास मित्र के कार्यों और ग्रामीणों के साथ उनके दुव्र्यवहार के संबंध में विशेष ग्राम सभा आयोजित की। हंगामाखेज बैठक में ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर कई वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त होने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने इस संबंध में एक हस्ताक्षरित ज्ञापन भी सरपंच को सौंपा है। शिकायत की एक प्रति ‘जशपुर क्राॅनिकल‘ के भी हाथ लगी है। शिकायत पत्र की प्रथम कण्डिका में मधुसूदन यादव पिता गोवर्धन यादव के हवाले से लिखित आरोप का उल्लेख किया गया है। जिसमें मधुसूदन ने रोजगार सहायक दुतिया भोय पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मनरेगा से मिलने वाली 90 दिनों की मजदूरी में से मात्र 82 दिनों का ही भुगतान करने का आरोप है। उनका कहना है कि ग्राम सभा में सरपंच की मौजूदगी में इसे लेकर प्रश्न करने पर रोजगार सहायक ने जिओ टैगिंग के लिए आवास मित्र को मजदूरी देने बाबत् राशि काटे जाने की बात कही। मधु यादव के मुताबिक सवाल करने पर दुतिया भोय ने उन्हें भरी सभा में पढ़ा लिख बेवकूफ करार दिया। उन्होंने जिओ टैगिंग के लिए 1000 रू नगद राशि वसूल करने का भी आरोप लगाया है। परंतु मीडिया के दखल के बाद रोजगार सहायक ने 2700 रू नगद देकर उनके पिता से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। उन्होंने नियमों के उल्लंघन, राशि वसूलने और भरी सभा में अपना अपमान करने के लिए रोजगार सहायक पर कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
छोड़ दिया गांव, फिर भी मिल गया आवास
अपनी शिकायत में ग्रामीणों ने और भी कई गंभीर खुलासे किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक ऐसे व्यक्ति सपना विशाल के नाम पर भी रोजगार सहायक के द्वारा प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराया गया है जो वर्षों से गांव में नहीं रहते। ग्रामीणों ने बताया है कि सपना विशाल ग्राम पंचायत तमता के मूल निवासी भी नहीं हैं। वे किराए के मकान में रहते थे और करीब 10 वर्ष पूर्व ही गांव छोड़कर जा चुके हैं। उनके नाम पर रोजगार सहायक द्वारा प्रधनमंत्री आवास योजना के तहत दो किश्त की राशि करीब 95000 रू जमा करा दिए गए हैं। ग्रामीणों की मानें तो रोजगार सहायक का कहना है कि उसने उपर से इसकी सेटिंग कराई है। ग्रामीणों ने शासन की महात्वाकांक्षी योजना की राशि की बंदरबांट को अपराध की श्रेणी में रखते हुए दोषी रोजगार सहायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम सभा ने पारित किया प्रस्ताव
सरपंच सीता बाज ने ग्रामीणों की शिकायत मिलने और इसके अनुसरण में विशेष ग्राम सभा की बैठक आयोजित किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रोजगार सहायक के व्यवहार और प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की कई शिकायतें प्राप्त होने के बाद ग्राम सभा की बैठक रखी गई जिसमें सभी बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने कई अनियमितताओं के बारे में पंचायत को अवगत कराया। जिस पर गंभीरता से विचार करने के बाद रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं मेट को हटाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। उन्होंने इस संबंध में पारित प्रस्ताव से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही है।
‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी के संबंध में रोजगार सहायक की भूमिका को लेकर ग्रामीणों की शिकायतें मिली थीं। जिसके बाद ग्राम सभा की बैठक रखी गई। इसमें रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं मेट को हटाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया है। ग्राम सभा के निर्णय से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।‘‘
सीता बाज, सरपंच, ग्राम पंचायत तमता





