*रेल लाईन के सर्वे में अड़चन बन रहे रूपनारायण को पुलिस ने दबोचा, उसका एक साथ सुनील खलखो भी गिरफ्तार, पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ किया अपराध दर्ज, एसएसपी ने कहा किसी को नहीं देंगे व्यवस्था से खिलवाड़ की इजाजत*

*रेल लाईन के सर्वे में अड़चन बन रहे रूपनारायण को पुलिस ने दबोचा, उसका एक साथ सुनील खलखो भी गिरफ्तार, पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ किया अपराध दर्ज, एसएसपी ने कहा किसी को नहीं देंगे व्यवस्था से खिलवाड़ की इजाजत*

पत्थलगांव। रेल्वे लाईन के लिए सर्वे की राह में रोड़ा बनने वाले रूपनारायण एक्का को पत्थलगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बतौली पुलिस की मदद से अंबिकापुर की ओर भागते समय पकड़ा गया। मामले में कुल सात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है जिसमें से रूपनारायण के एक साथी सुनील खलखो निवासी तिरसोंठ को भी पुलिस ने उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया है। 
उल्लेखनीय है कि लंबे समय से प्रतीक्षित छग के धर्मजयगढ़ को झारखंड के लोहरदगा से जोड़ने के लिए हो रहे रेल्वे लाईन के सर्वे के कार्य को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम तिरसोंठ में ग्रामीण इसके विरोध में उतर आए हैं। रविवार को ग्रामीणों के विरोध के बाद मंगलवार को प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ सर्वे कराने पहुंचा था परंतु फिर एक बार इसे ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालात यहां तक पहुंच गए कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का मुक्की तक की नौबत आ गई। परंतु ग्रामीण टस से मस होने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों के विरोध के बीच रूपनारायण एक्का का नाम प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। उल्लेखनीय है कि रेल लाईन का सर्वे कई महीनों पहले पूरा हो चुका है परंतु बताया जा रहा है कि इसमें कई बार भारतमाला सड़क के क्राॅसिंग की स्थिति बन रही थी जिसके बाद पुनः सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार का सर्वे उनकी बस्तियों के बीच से होकर गुजर रहा है जिसे लेकर उनकी प्रमुख रूप से आपत्ति है। बताया जाता है कि इसे लेकर ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे परंतु रूपनारायण एक्का के सामने आने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। रूपनारायण एक्का खुद को भारत मुक्ति मोर्चा नाम संगठन का जिला संयोजक बताता है। बताया जाता है कि रूपनारायण एक्का के द्वारा प्रभावित इलाके को भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र होना बताते हुए यहां स्वायत्त सरकार होने और यहां कलेक्टर का आदेश लागू नहीं होने की बात कहते हुए आदिवासियों को बरगलाया जा रहा था। यह भी बताया जा रहा है कि रूपनारायण एक्का ने एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को वहां आने की अनुमति नहीं होने और बल लेकर चले जाने को कहा था। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने रूपनारायण और बाकी ग्रामीणों को समझाने की भरपूर कोशिश की परंतु बात नहीं बनी और सर्वे टीम के साथ ही अधिकारियों और पुलिस बल को बैरंग वापस लौटना पड़ा। जिसके बाद से ही लोगों को प्रशासन के अगले कदम का इंतजार था। विचार विमर्श के बाद प्रशासन की ओर से पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिसके बाद बुधवार को पुलिस ने रूप नारायण एक्का और उसके साथियों संतनराम भगत, सुनील खलखो, मनिहार लकड़ा, विशाल, विक्रम, हीरालाल टोप्पो समेत 7 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 121(1),132,221,223 के तहत मामला दर्ज कर रूपनारायण एक्का को गिरफ्तार कर लिया गया है। 


तहसीलदार के साथ की झूमाझटकी
बागबहार के तहसीलदार कृष्णमूर्ति दीवान ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक मंगलवार को प्रातः 8 बजे कलेक्टर के निर्देशानुसार मौके पर पहुंचने पर उन्होंने बताया कि वहां मौजूद रूपनारायण एक्का एवं उसके साथियों के द्वारा बीच में सर्वे कार्य को धमकी देकर रोकते हुए कहा कि भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत ग्रामीणों की जमीन प्रशासन द्वारा ले ली गई है और अब रेल्वे भी उनकी जमीन अधिग्रहित करना चाहती है। ग्रामीणों को पूर्व का मुआवजा नहीं मिला है और रेल्वे के द्वारा भी मुआवजा नहीं मिलेगा कहकर ग्रामीणों को बरगलाते हुए उकसाया गया। प्रशासन द्वारा अभी सिर्फ सर्वे का कार्य जारी होने पर भी वे नहीं मिानने और आवेशपूर्वक प्रशासन के विरूद्ध नारेबाजी करने लगे। कुछ देर बाद रूपनारायण एक्का ने पुनः मौके पर आकर कार्य रोकने की धमकी दी और कहा कि यहां कलेक्टर का आदेश नहीं चलता है और राज्य सरकार व केंद्र सरकार का कानून नहीं चलने देंगे, यहां सिर्फ हमारा कानून चलता है। हम प्रशासन के लोगों को नोटिस देकर आदिवासी पंचायत में बुलाएंगे और कांजी हाउस में बंद कर देंगे कहते हुए वे हुज्जतबाजी कर हाथापाई करने लगे। 


गिड़गिड़ाने लगा था आरोपी
इस गंभीर मामले की माॅनिटरिंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह द्वारा स्वयं की जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक द्वारा मामला दर्ज होते ही तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम को आज प्रातः मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त आरोपी अंबिकापुर की ओर भाग रहा है। इस पर सरगुजा पुलिस को सूचित करते हुए सीतापुर - बतौली के पास नाकाबंदी की गई ओर भाग रहे आरोपी को बतौली के पास से दबोचा गया। पुलिस का कहना है कि पकड़े जाने पर मुख्य आरोपी रूपनारायण एक्का गिड़गिड़ाने लगा। वहीं दूसरे आरोपी सुनील खलखो को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों की धरपकड़ में पत्थलगांव थाना प्रभारी विनीत पाण्डे, बतौली थाना प्रभारी सी पी तिवार आरक्षक पदुम वर्मा, आरक्षक आशीषान प्रभात टोप्पो की विशेष भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कानून व्यवस्था के प्रश्न पर किसी को भी व्यवस्था को चुनौती देने की इजाजत नहीं दी जाएगी और इस प्रकार के मामलों में कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।