श्री राम के राजतिलक के साथ राम कथा का हुआ समापन, नौ दिनों तक कथा सुनने उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, पंडित राजन महाराज ने की मांगलिक अवसरों पर वृक्षारोपण करने की अपील
पत्थलगांव। शहर में पिछले 9 दिनों से बह रही श्री राम कथा की बयार का समापन आज श्रीराम के राजतिलक के साथ किया गया। पंडित राजन महाराज ने मैरिज गार्डन स्थित श्री राम कथा पंडाल में हजारों श्रोताओं को श्री राम कथा का रसपान कराया।

आज श्री राम कथा के अंतिम दिवस राजन महाराज ने बाली सुग्रीव के प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सुग्रीव द्वारा पूरी वानर सेना को सीता की खोज के लिए पश्चिम ,उत्तर दिशा की ओर भेजा गया था। लेकिन सुग्रीव को मालूम था कि सीता जी को रावण द्वारा हरण कर दक्षिण दिशा की ओर ले जाया गया है लेकिन सुग्रीव ने वानरों को दूसरे दिशा की ओर भेजा

सुग्रीव का मकसद था कि बंदरों को यदि यही छोड़कर सीता की खोज के लिए जाया जावेगा तो वानर आपस में यहां बैठकर लड़ाई झगड़ा और खुराफात के सिवा कोई काम नहीं करेंगे इसलिए उन्हें व्यस्त करने के लिए दूसरी दिशाओं में भेजा गया। पंडित राजन महाराज ने कहा कि जो आदमी अपने वर्कर को खाली बैठाता है वह वर्कर का खुराफात में ही दिमाग चलता है इसलिए हमें वर्कर को हमेशा काम में व्यस्त रखना चाहिए । इसके बाद उन्होंने सुरसा के प्रसंग का वर्णन किया। सुरसा प्रसंग में हनुमान जी सूक्ष्म रूप धरकर सुरसा के मुंह में प्रवेश कर जाते हैं जिसका भी बड़ी बारीकी से पंडित राजन महाराज द्वारा वर्णन किया गया ।

इसके पश्चात हनुमान जी लंका में सीता मैया की खोज कर वापस राम जी को खबर करते हुए सीता मैया का वापसी करते हैं। रावण का वध कर वापस लौटते हैं। सीता की अग्नि परीक्षा होती है साथ ही सीता माता के साथ सभी गंगा मैया की पूजा कर अयोध्या की ओर लौटते हैं ।जहां राम भगवान का राजतिलक किया जाता है अंत में पंडित राजन महाराज ने पत्थलगांव में आसपास क्षेत्र के जितने भी श्रोताओ ने श्री राम कथा का रसपान किया उनसे सभी मांगलिक शुभ अवसरों पर वृक्षारोपण करने की अपील की।

हमें मांगलिक कार्यों के अवसरों पर वृक्षारोपण कर उस वृक्ष की देखभाल करनी चाहिए ।श्री राम कथा के आयोजक सुरेश अग्रवाल एवं उनके पूरे परिवार द्वारा श्री राम कथा का जिस तरीके से निर्विघ्न संपन्न करवाई गई उसके लिए भी पंडित राजन महाराज द्वारा उन्हें आशीर्वाद दिया गया साथ ही सुरेश अग्रवाल ने सभी श्रोताओं को अपनी ओर से धन्यवाद प्रेषित किया ।श्री राम कथा में गाजीपुर ,बलिया ,भीलवाड़ा ,पटना ,राउरकेला, बोकारो ,काशी ,रायपुर खरसिया ,अंबिकापुर सहित आसपास क्षेत्र के हजारों लोगों ने श्री राम कथा का श्रवण किया।





